world newsसीरिया में सत्ता पलट के बाद भारत सीरिया संबंध भी क्या हो सकते हैं प्रभावित?

Picsart 24 12 10 13 56 42 172

World news – असद के समय से दोनों देशों के बीच रहे अच्छे संबंधों का क्या होगा भविष्य –
साभार : – बीबीसी – से
दिल्ली : – ( द एंड टाइम्स न्यूज )
यूँ तो भारत की राजधानी दिल्ली और सीरिया की राजधानी दमिश्क के बीच हज़ारों किलोमीटर की दूरी है. लेकिन, सीरिया के घटनाक्रम पर दिल्ली की नज़र भी बनी हुई है.सीरिया लंबे समय से भारत का सहयोगी रहा है और यहां के घटनाक्रम केवल मध्य पूर्व तक ही सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि ये अप्रत्याशित तरीकों से भारत को भी प्रभावित कर सकते हैं.भारत और सीरिया के बीच संबंध दोस्ताना ही रहे हैं. सीरिया में बशर अल-असद शासन का अंत एक अहम घटनाक्रम है, जो न केवल भारत-सीरिया के रिश्तों को प्रभावित करेंगे बल्कि व्यापक रूप से देखें तो ये तेज़ी से दो प्रतिस्पर्धी ध्रुवों में बंटती दुनिया के लिए महत्वपूर्ण पल है.
सीरिया में इस्लामी विद्रोहियों ने रविवार को राष्ट्रपति बशर अल-असद को सत्ता से बाहर करने की घोषणा की. विद्रोहियों के दमिश्क पर नियंत्रण होने के बाद असद ने रूस में शरण ली है. इसके साथ ही देश में 13 साल के गृहयुद्ध का अंत हो गया.असद का पतन और उसके बाद की अनिश्चितता इस क्षेत्र में भारत के राजनीतिक और आर्थिक हितों के लिए चिंता का कारण बन रही हैं.भारत और सीरिया के बीच द्विपक्षीय संबंध पश्चिम एशिया में गुटनिरपेक्ष आंदोलन के समय से ही रहे हैं. दोनों देशों के बीच प्राचीन सभ्यताओं का भी मेल-मिलाप रहा है.भारत और सीरिया के राष्ट्राध्यक्षों के बीच द्विपक्षीय दौरे की शुरुआत 1957 में हुई, जब प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू वहां गए थे.उसी साल सीरिया के राष्ट्रपति शुक्री अल-कुएतली ने नई दिल्ली यात्रा की थी.भले ही खाड़ी देशों की तरह सीरिया में भारत की एक बड़ी आबादी नहीं रह रही हो, लेकिन भारत ने हमेशा बशर अल-असद के शासन के साथ मजबूत संबंध बनाए रखे.सीरिया में गृहयुद्ध की शुरुआत 2011 में हुई, लेकिन भारत के सीरिया में असद सरकार के साथ संबंध बरकरार रहे. भारत ने लगातार संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के अनुसार सीरिया के नेतृत्व में संघर्ष के समाधान का समर्थन किया है.भारत ने सीरिया के गृह युद्ध के चरम के दौरान भी दमिश्क में अपना दूतावास बनाए रखा. अब जब गृह युद्ध ख़त्म हो गया है, तो भारत के सामने नई चुनौतियां आ गई हैं.असद परिवार (पहले हाफ़िज़ अल-असद और बाद में बशर अल-असद के शासन में) हमेशा ही अहम मुद्दों ख़ास तौर पर कश्मीर के मामले में भारत का समर्थक रहा है.जब कई इस्लामिक देश कश्मीर के मामले में पाकिस्तान के रुख़ के साथ खड़े थे, तब सीरिया उन चुनिंदा देशों में शामिल था, जो भारत के साथ था.असद परिवार का धर्मनिरपेक्ष शासन भारत के अपने सिद्धांतों के साथ मेल खाता था, जिससे सहयोग के लिए एक मज़बूत आधार बना.2019 में भारत ने जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 को समाप्त कर दिया था, जिसे सीरियाई सरकार ने भारत का “आंतरिक मामला” बताया था.भारत भी ऐतिहासिक तौर पर गोलान हाइट्स पर सीरिया के दावे का समर्थन करता रहा है, जबकि इसराइल इसके ख़िलाफ़ रहा है.बशर अल-असद का पतन सीरिया में आईएसआईए समेत अन्य चरमपंथी समूहों के उभार का कारण भी बन सकता है. जब इस्लामिक स्टेट की ताकत चरम पर थी, तो रूस और ईरान के समर्थन से सीरिया ने इसकी ताकत ख़त्म की थी.बदले हालात में भारत के लिए इस्लामिक स्टेट जैसे गुट ख़तरा हैं.मध्य पूर्व के विशेषज्ञ कबी़र तनेजा (ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन) ने बीबीसी से बात करते हुए कहा, “भारत का दृष्टिकोण हमेशा यह रहा है कि भले ही सीरिया में घरेलू समस्याएँ हों लेकिन हमारे पास ‘प्लान बी’ होना चाहिए.” ॥
हमें एक और लीबिया की स्थिति नहीं चाहिए. लेकिन दुर्भाग्यवश, मुझे लगता है कि यही सीरिया की दिशा है, और यह वही ट्रेंड है, जिसे भारत अफ़ग़ानिस्तान में 2021 में देख चुका है.”तनेजा ने यह भी कहा, “मुझे लगता है कि भारत अपने संबंध बनाए रखने की कोशिश करेगा. चाहे वह तालिबान का कब्ज़ा हो, या एचटीएस का दमिश्क पर कब्जा. ये आतंकवादी संगठन अंततः सरकार चला रहे हैं.” “चिंता ये है कि अगर भारत एचटीएस से बात करना शुरू करता है, तो कल कश्मीर में आतंकवादी संगठन यह कह सकते हैं कि आप उनसे बात कर रहे हैं, तो हमसे क्यों नहीं? यह एक बहुत ही नाजुक संतुलन है, जिसे भारत को बनाए रखना होगा.”कूटनीति के अलावा, भारत-सीरिया संबंधों में आर्थिक सहयोग और व्यापार भी एक बड़ा आधार है.भारत से सीरिया को निर्यात किए जाने वाले उत्पादों में कपड़े, मशीनरी, और दवाइयां शामिल हैं, जबकि वहां से आयात किए जाने वाले उत्पादों में कच्चे माल जैसे रॉक फॉस्फेट और कपास शामिल है.भारत ने कई क्षेत्रों में सीरिया के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. इनमें पावर प्लांट के लिए 240 मिलियन अमेरिकी डॉलर का क्रेडिट, आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर, स्टील प्लांट आधुनिकीकरण, तेल क्षेत्र में सहयोग, चावल, दवाइयां और वस्त्रों के महत्वपूर्ण निर्यात शामिल हैं.जुलाई 2023 में, तत्कालीन विदेश राज्य मंत्री वी मुरलीधरन ने दमिश्क का एक महत्वपूर्ण मंत्री स्तरीय दौरा किया था. भारत ने सीरिया के तेल क्षेत्र में दो महत्वपूर्ण निवेश किए हैं.पहला 2004 में ओएनजीसी और आईपीआर इंटरनेशनल के बीच तेल और प्राकृतिक गैस की तलाश के लिए करार है.दूसरा ओएनजीसी और चीन के सीएनपीसी द्वारा सीरिया में एक कनाडाई कंपनी में 37 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदने के लिए किया गया एक संयुक्त निवेश.साल 2008 में, बशर अल-असद भारत के दौरे पर आए थे. जहां उन्होंने कृषि सहयोग और सीरिया के फॉस्फेट संसाधनों पर अध्ययन करने की योजनाओं को मंजूरी दी थी भारत ने सीरिया में एक आईटी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने का प्रस्ताव भी दिया था.पश्चिम एशिया मामलों के जानकार डॉ. अशुतोष सिंह कहते हैं, “पूरा पश्चिम एशिया ज़्यादातर महाशक्तियों के लिए ‘गार्डन किचन’ है. भारत हमेशा गुटनिरपेक्ष आंदोलन और उपनिवेशी इतिहास के कारण, पश्चिम एशिया के अधिकांश देशों के साथ अच्छे रिश्ते बनाए रखता है.भारत के लिहाज से देखें, तो सीरिया का घटनाक्रम भारत को कई तरह से प्रभावित कर सकता है ।

ब्यूरो चीफ जयपाल सिंह यादव दानिश खान

FARRUKHABAD NEWS KAIMGANJ NEWS

KAIMGANJ NEWS कायमगंज में बारावफात जलसे से पहले एक्शन में नगर पालिका: ‘सीमा विवाद’ को दरकिनार कर सीवर सक्शन मशीन से खींचा जलभराव का पानी

KAIMGANJ NEWS PWD, प्रधानी और पालिका के त्रिकोण में फंसा गढ़ी इज्जत खां मार्ग; त्योहार[...]

FARRUKHABAD NEWS KAIMGANJ NEWS

KAIMGANJ NEWS रक्षाबंधन पर मातृ शक्ति ने पुलिसकर्मियों और अधिवक्ताओं को बांधी राखी, लिया सेवा और सुरक्षा का संकल्प

KAIMGANJ NEWS कायमगंज, फर्रुखाबाद। रक्षाबंधन पर्व पर भाई-बहन के पवित्र रिश्ते को सामाजिक सरोकार और[...]

FARRUKHABAD NEWS KAIMGANJ NEWS

KAIMGANJ NEWS कंपिल में नगर पंचायत के कूड़ा ट्रैक्टर का खूनी खेल: 8 साल की मासूम को बेरहमी से रौंदा, हालत नाजुक, लोहिया रेफर

KAIMGANJ NEWS –सब्जी लेने निकली थी नन्हीं सिमरन, घर की चौखट लांघते ही चढ़ गया[...]

FARRUKHABAD NEWS KAIMGANJ NEWS

KAIMGANJ NEWS कायमगंज में रक्षाबंधन पर ब्रह्माकुमारी आश्रम में गूंजा नशा मुक्ति और पर्यावरण संरक्षण का शंखनाद: 10 करोड़ लोगों को व्यसन मुक्त बनाने का महासंकल्प

KAIMGANJ NEWS –प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने बांधा सुरक्षा का सूत्र, लिया समाज सुधार का[...]

FARRUKHABAD NEWS KAIMGANJ NEWS

KAIMGANJ NEWS कायमगंज की सड़कों पर उतरा भारी पुलिस बल: रक्षाबंधन और बारावफात को लेकर प्रशासन सख्त, उपद्रवियों को सीधी चेतावनी

KAIMGANJ NEWS –सड़कों पर गूंजे बूटों के निशान, सीओ के नेतृत्व में पुलिस ने नापे[...]

FARRUKHABAD NEWS KAIMGANJ NEWS

KAIMGANJ NEWS दुकान में बिजली का काम कर रहे मिस्त्री की करंट लगने से मौत, परिवार में मचा कोहराम

KAIMGANJ NEWS कायमगंज, फर्रुखाबाद। घर में बनी दुकान पर बिजली का काम करना एक बिजली[...]

FARRUKHABAD NEWS KAIMGANJ NEWS

KAIMGANJ NEWS आधी रात को ‘आग का तांडव’: चूल्हे की चिंगारी से दहका घर, गृहस्थी जलकर खाक, चीख-पुकार के बीच बचीं जानें

KAIMGANJ NEWS कंपिल के शाहपुर गंगापुर में देर रात बड़ा हादसा, नकदी समेत लाखों का[...]

You cannot copy content of this page

ताजा खबर के लिए सब्सक्राइब करें No Yes