KAIMGANJ NEWS – जरूरत पर अभी तक बोए जाने वाले उर्वरक नदारत थे , अब फसलों में लगाने के लिए नहीं मिल पा रही यूरिया
कायमगंज / फर्रुखाबाद
चाहे शासन की अनदेखी हो या फिर प्रशासन की घोर लापरवाही स्थित हकीकत में चाहे जो भी हो लेकिन मेहनतकश किसान हर हाल में परेशान ही हो रहा है । गेहूं आदि की बीज बुवाई के समय वोने वाली डीएपी व एनपीके की जब जरूरत थी । उस समय यह खादें नहीं मिल पा रही थीं । निर्धारित सरकारी रेट लगभग 1920 रुपए प्रतिबोरी बताया जा रहा है । जबकि प्राइवेट खाद विक्रेता इस खाद का प्रति पैकेट 2400 से लेकर 2700 रुपए तक वसूल कर ब्लैक में खुलेआम बेचते रहे । अब रवी सीजन की फसल बुवाई लगभग पूरी सी हो चुकी है । बहुत कम एरिया बुवाई के लिए बचा है । वास्तव में अब जरूरत है – गेहूं , तंबाकू, लहसुन, सरसों तथा सब्जियों में फसल बढ़ोतरी के लिए यूरिया खाद लगाने की ।जिनकी डिमांड तो बहुत अधिक है । लेकिन खाद यूरिया बाजार से गायब दिखाई दे रही है । कृषि उर्वरक केंद्रों , सरकारी व अर्द्ध सरकारी बिक्री केंद्रों के साथ ही प्रत्येक न्याय पंचायत स्तर पर स्थापित सहकारी समितियां में इस खाद का पर्याप्त भंडार होना चाहिए । साथ ही केंद्र की मांग पर समय रहते यूरिया खाद की इन बिक्री केंद्रों को आपूर्ति सुनिश्चित कराई आनी चाहिए । यह सब कुछ है अथवा किया जा रहा है या फिर नहीं ?इसका कोई भी स्पष्ट उत्तर देने को तैयार नहीं है । सहकारी समितियों पर वहीं कुछ अन्य सीधे गवर्नमेंट नियंत्रण वाले विक्रय केन्द्रों पर खाद उपलब्ध होने की जैसे ही खबर मिलती है । जरूरतमंद किसानों की भीड़ वहां पहुंच जाती है । बेचारे लाइन में लगे रहते हैं । जिसे मिल गई, जितनी मिल गई , वह ठीक है, मांग के मुताबिक नहीं मिली तो बेचारा किसान कर ही क्या सकता है । बाकी लाइनों में लगे हुए भूखे प्यासे रहकर अपनी बारी का इंतजार करते रहते हैं और अंत में खाद न मिलने पर निराश होकर व्यवस्था को कोसते हुए अपने घर वापस चले आते हैं । यदि बात की जाए उन प्राइवेट उर्वरक बिक्री करने वालों की जिन्हें बिक्री हेतु लाइसेंस अनुबंध की शर्तों के अनुसार जिला प्रशासन स्तर से ही मिलता है । लेकिन काम प्राइवेट दुकानदार अपने मुताबिक करता है । जिसमें सबसे ज्यादा उसका ध्यान अधिक से अधिक मुनाफा कमाने पर रहता है , जैसी हालत में जिस यूरिया की प्रतिबोरी कीमत लगभग 270 रुपए निर्धारित होना बताई जा रही है । वही यूरिया की बोरी प्राइवेट दुकानों से 350 रुपए से लेकर 375 रुपए प्रतिबोरी के हिसाब से कीमत वसूल कर बेची जा रही है । यह काम कोई एक दुकानदार नहीं कर रहा है । लगभग हर जगह यूरिया खाद की चोर बाजारी चरम पर है । क्या इस स्थिति की प्रशासन को जानकारी नहीं हैं? यदि है ,तो ब्लॉक का सर्वोच्च अधिकारी खंड विकास अधिकारी, जिले का जिला कृषि अधिकारी, तहसील स्तरीय प्रशासनिक अधिकारी इसके बाद जिले का प्रशासनिक अमला यूरिया की चोर बाजारी पर नियंत्रित करने के लिए प्रयास क्यों नहीं कर रहे हैं । शब्द अलग-अलग किंतु पीड़ित किसानों के द्वारा कही गई जा रही बातों का भाव यही है कि किसान यूरिया की कमी तथा हो रही चोर बाजारी के लिए शासन की अनदेखी के साथ ही प्रशासन की लापरवाही को ही जिम्मेदार मानकर कोस रहा है । उसका कहना है कि यदि यूरिया की कमी है तो दुकानदारों को मुंह मांगी कीमत देने पर जितनी चाहो उतनी बोरियां मिल जाती हैं । लेकिन शासन द्वारा निर्धारित दर पर एक भी बोरी मिल पाना संभव नहीं है । इसी के साथ किसानों का आक्रोश इस बात पर भी दिखाई दे रहा था कि सरकारी व अर्ध्द सरकारी विक्रय केंद्रों के साथ ही सहकारी समितियों पर भी चोरी छुपे खाद को अपने विश्वासपात्र दलालों के माध्यम से ब्लैक में बेचा जा रहा है । आखिर जिला स्तरीय सहकारिता विभाग के जिला सहायक निबंधक सहकारी समितियां तथा अपर जिला सहकारी अधिकारी एडीओ सहकारिता के साथ ही अन्य अधिकारी इन समितियों द्वारा की जा रही अनियमितताओं की ओर ध्यान क्यों नहीं दे रहे हैं । यह सारी बातें किसानों को आशंकित कर रही हैं । कि इसका कारण कुछ भी हो , किन्तु यूरिया खाद की कमी दर्शाकर ब्लैक में बेचने का अवसर प्रदान कर रहा है । कई किसान संगठनों ने शीघ्र समय रहते खाद की कालाबाजारी पर रोक लगाने के साथ ही पर्याप्त मात्रा में खाद की आपूर्ति सुनिश्चित कराए जाने की व्यवस्था हेतु पहले भी प्रशासन से मांग की थी और यही मांग उनकी अब तक जारी है । लेकिन फिर भी अन्नदाता को खाद अधिक पैसे देकर ही खरीदने को मजबूर होना पड़ रहा है l
ब्यूरो चीफ जयपाल सिंह यादव दानिश खान

FARRUKHABAD NEWS KAIMGANJ NEWS
KAIMGANJ NEWS सीएचसी कायमगंज में फूटा आशाओं का गुस्सा: कोल्ड चेन पर जड़ा ताला, बच्चों के टीकाकरण पर ब्रेक!
KAIMGANJ NEWS–मानदेय बढ़ाने की मांग पर अड़ीं आशा कार्यकर्ता, सुबह पांच बजे से घेराबंदी कर[...]
Oct
FARRUKHABAD NEWS KAIMGANJ NEWS
KAIMGANJ NEWS खाकी सोती रही, शातिर काटते रहे ताले: कायमगंज के अरियारा में एक ही रात दो घरों का ‘सफाया’, लाखों के गहने और बर्तन तक समेट ले गए चोर
KAIMGANJ NEWS –पहले रेलवे स्टेशन की कैंटीन पर बोला था धावा, अब देहात में मचाया[...]
Oct
FARRUKHABAD NEWS KAIMGANJ NEWS
KAIMGANJ NEWS पेट्रोल पंप के पास मौत की रफ्तार से टकराईं दो बाइकें, डायल 112 का सिपाही समेत दो गंभीर
KAIMGANJ NEWS–जोरदार भिड़ंत के बाद सड़क पर मची अफरा-तफरी, घायलों को सीएचसी से लोहिया अस्पताल[...]
Oct
FARRUKHABAD NEWS KAIMGANJ NEWS
KAIMGANJ NEWS नन्हे सितारों ने मंच पर मचाया धमाल, ‘उत्कर्ष’ में दिखा बच्चों का गजब का जलवा!
KAIMGANJ NEWS सी. पी. विद्या निकेतन में सजी सुर, ताल और अभिनय की महफिल; प्ले[...]
Oct
FARRUKHABAD NEWS KAIMGANJ NEWS
KAIMGANJ NEWS भूत-पिशाच नाचे, अखाड़े में खनकी तलवारें: कायमगंज में 264 बरस पुरानी शिव बारात का ऐतिहासिक जलवा
KAIMGANJ NEWS लव-जिहाद’ पर निकली विवादित झांकी बनी टॉक ऑफ द टाउन; पुष्पवर्षा से महकीं[...]
Oct
FARRUKHABAD NEWS KAIMGANJ NEWS
KAIMGANJ NEWS जब नारायण को भी झुकना पड़ा: राजा मनु की कठिन तपस्या ने हिलाया बैकुंठ, सीपी ग्राउंड में गूंजा ‘तथास्तु’
KAIMGANJ NEWS –कायमगंज में वृंदावन के कलाकारों ने बांधा समां, ‘मनु-सतरूपा’ प्रसंग देख भावविभोर हुए[...]
Oct
FARRUKHABAD NEWS KAIMGANJ NEWS
KAIMGANJ NEWS खाकी की नाक के नीचे चोरों का तांडव: RPF-GRP सोती रही, कायमगंज स्टेशन पर कैंटीन खंगाल चिप्स-कुरकुरे तक ले उड़े शातिर!
KAIMGANJ NEWS –सनसनीखेज: 30 मीटर पर RPF, 100 मीटर पर GRP चौकी… फिर भी बेखौफ[...]
Oct
FARRUKHABAD NEWS KAIMGANJ NEWS
KAIMGANJ NEWS धमाके के साथ भड़की लपटें: दूध गर्म करने गए ग्रामीण को आग ने घेरा, जिंदा जलने से बाल-बाल बचे रामलड़ैते!
KAIMGANJ NEWS –सिलेंडर से गैस रिसाव बना काल, माचिस जलाते ही आग का गोला बना[...]
Oct