KAIMGANJ NEWS –टूटी बाउंड्रीवाल, खुले गेट और आग बुझाने के पुख्ता इंतजाम नदारद, प्लास्टिक-रबर के जलने से अचरा रोड पर सांस लेना हुआ दुश्वार; बार-बार आग लगने के बावजूद नहीं जाग रहे जिम्मेदार
कायमगंज, फर्रुखाबाद। दिवाली की खुशियों और रोशनी के त्योहार से ठीक पहले नगर पालिका परिषद के कूड़ा डंपिंग केंद्र में लगी आग ने आसपास के लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कूड़े के पहाड़ में लगी आग से उठता काला धुआं आसमान में छा गया और देखते ही देखते आसपास का पूरा इलाका धुएं की चपेट में आ गया। हालात ऐसे बन गए कि अचरा रोड से गुजरने वाले राहगीरों को आंखों में जलन और सांस लेने में परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं आसपास बसे ग्रामीण भी जहरीले धुएं के चलते परेशान नजर आए।
एक तरफ दिवाली को देखते हुए प्रशासन और पुलिस सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता बरत रहे हैं, वहीं दूसरी ओर नगर पालिका के कूड़ा डंपिंग केंद्र में आग से निपटने के बुनियादी इंतजामों की कमी ने नगर पालिका की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सवाल यह है कि आखिर बार-बार आग लगने की घटनाओं के बाद भी यहां स्थायी समाधान क्यों नहीं किया गया?
एक चिंगारी ने कूड़े के ढेर को बना दिया धुएं का पहाड़
अचरा रोड पर लुधैया गांव के समीप नगर पालिका का करीब एक एकड़ में फैला कूड़ा डंपिंग केंद्र स्थित है। नगर क्षेत्र से प्रतिदिन निकलने वाला कचरा इसी स्थान पर एकत्र किया जाता है। गुरुवार की रात अचानक कूड़े के ढेर में आग भड़क उठी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। कूड़े में मौजूद प्लास्टिक, रबर और अन्य ज्वलनशील सामग्री के संपर्क में आने से धुआं लगातार बढ़ता चला गया। तेज हवाओं ने आग को और फैलाने में भूमिका निभाई।
इसके बाद आसमान में काले धुएं की मोटी परत दिखाई देने लगी। धुएं का फैलाव इतना अधिक था कि सड़क से गुजरने वाले वाहन चालकों और राहगीरों को काफी परेशानी हुई। स्थानीय लोगों के अनुसार धुएं के कारण आंखों में जलन और सांस लेने में दिक्कत जैसी समस्याएं सामने आईं। त्योहार से पहले प्रदूषण की इस स्थिति ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
न बाउंड्री सुरक्षित, न आग से बचाव का इंतजाम!
डंपिंग केंद्र की मौजूदा स्थिति भी कई सवाल खड़े कर रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि केंद्र की बाउंड्रीवाल कई स्थानों से क्षतिग्रस्त है और मुख्य गेट भी अक्सर खुला रहता है। इसके अलावा आग बुझाने के लिए पर्याप्त पानी की उपलब्धता और जरूरी अग्निशमन संसाधनों की व्यवस्था भी नजर नहीं आती।
ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि जिस स्थान पर प्रतिदिन बड़ी मात्रा में कूड़ा एकत्र होता है, वहां आग से बचाव के पुख्ता इंतजाम आखिर क्यों नहीं किए गए? क्या नगर पालिका प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है? हालांकि आग लगने के पीछे किसी की लापरवाही है या कोई अन्य कारण, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
स्थानीय लोगों ने बताई पुरानी समस्या, हर बार उठाना पड़ता है धुएं का दंश
स्थानीय निवासी सुखराम और राहगीर उमेश का कहना है कि डंपिंग केंद्र में आग लगना कोई नई बात नहीं है। यहां पहले भी कई बार आग की घटनाएं हो चुकी हैं। हर बार आग बुझाने की कवायद होती है, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया जाता। इसका खामियाजा आसपास के ग्रामीणों और सड़क से गुजरने वाले लोगों को भुगतना पड़ता है।
लोगों का कहना है कि कूड़े के ढेर में आग लगने के बाद कई-कई घंटे तक धुआं उठता रहता है। इससे आसपास के वातावरण पर प्रतिकूल असर पड़ता है। लोगों ने नगर पालिका प्रशासन से डंपिंग केंद्र की बाउंड्री दुरुस्त कराने, पानी की स्थायी व्यवस्था करने और अग्निशमन उपकरण उपलब्ध कराने की मांग उठाई है।
फरवरी में भी तीन दिन तक सुलगता रहा था कूड़े का ढेर
इस डंपिंग केंद्र में आग लगने का यह पहला मामला नहीं है। फरवरी 2026 में भी यहां भीषण आग लग चुकी है। उस समय आग पर पूरी तरह काबू पाने के लिए नगर पालिका कर्मियों को करीब तीन दिन तक मशक्कत करनी पड़ी थी। लगातार पानी का छिड़काव करने के बाद आग को शांत किया जा सका था। इसके बावजूद अब दोबारा आग लगने की घटना ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि पिछली घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए आखिर क्या कदम उठाए गए?
सुबह सूचना मिलने पर हरकत में आया पालिका प्रशासन
नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी डॉ. लव कुमार मिश्रा ने बताया कि उन्हें शुक्रवार सुबह डंपिंग केंद्र में आग लगने की जानकारी मिली थी। सूचना मिलने के बाद नगर पालिका की स्प्रे मशीन और पानी के टैंकर मौके पर भेजे गए हैं। उन्होंने बताया कि आग बुझाने के प्रयास किए जा रहे हैं और जल्द ही स्थिति पर काबू पा लिया जाएगा।
अब निगाहें जिम्मेदारों की कार्रवाई पर
दिवाली से ठीक पहले हुई इस घटना ने नगर पालिका की कचरा प्रबंधन व्यवस्था और अग्नि सुरक्षा इंतजामों की पोल खोलकर रख दी है। स्थानीय लोगों की मांग है कि केवल आग बुझाकर जिम्मेदारी पूरी न समझी जाए, बल्कि डंपिंग केंद्र पर स्थायी सुरक्षा व्यवस्था की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और आसपास के लोगों को जहरीले धुएं की परेशानी से निजात मिल सके।
ब्यूरो चीफ जयपाल सिंह यादव दानिश खान





FARRUKHABAD NEWS KAIMGANJ NEWS
KAIMGANJ NEWS इंस्टाग्राम पर धमकी और फोटो से छेड़छाड़ का आरोप, युवती को तेजाब डालने की धमकी से मचा हड़कंप!
KAIMGANJ NEWS –भाई की शादी को लेकर शुरू हुआ विवाद, युवती ने गौरव ठाकुर नाम[...]
Nov
FARRUKHABAD NEWS KAIMGANJ NEWS
KAIMGANJ NEWS ओवरटेक की जल्दबाजी बनी हादसे की वजह! टैक्सी से टकराकर कार में जा घुसी बाइक, दो किशोर गंभीर
KAIMGANJ NEWS –कायमगंज-कंपिल मार्ग पर शराब ठेके के सामने हुआ भीषण हादसा, कार चालक ने[...]
Nov
FARRUKHABAD NEWS KAIMGANJ NEWS
KAIMGANJ NEWS गौकशी की सूचना से मचा हड़कंप, पुलिस ने केलों के बाग में की छानबीन; मौके पर नहीं मिला कोई सुराग
KAIMGANJ NEWS –डायल 112 की सूचना पर अताईपुर मार्ग पहुंची कायमगंज पुलिस, हिंदू संगठन के[...]
Nov
FARRUKHABAD NEWS KAIMGANJ NEWS
KAIMGANJ NEWS खेत में घेरकर मौसा-भांजे पर बरसाए लाठी-फावड़े और सरिये, दोनों लहूलुहान!
KAIMGANJ NEWS –पुरानी रंजिश में आधा दर्जन लोगों पर हमले का आरोप, किसान यूनियन ने[...]
Nov
FARRUKHABAD NEWS KAIMGANJ NEWS
KAIMGANJ NEWS कोतवाली के चंद कदमों की दूरी पर सुलभ शौचालय में मिला युवक का शव, डेढ़ घंटे तक अंदर बंद रहने से मचा हड़कंप
KAIMGANJ NEWS –शौचालय कर्मचारी की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस, दरवाजा खुलवाकर युवक को[...]
Nov
FARRUKHABAD NEWS
Farrukhabad news वृद्धाश्रम में बुजुर्गों के चेहरों पर खिली दीपावली की खुशियां, साहसी बालिका संस्था ने बांटी खुशियों की सौगात
Farrukhabad news खुशबू मिश्रा और शिल्की मिश्रा के नेतृत्व में सिरोली वृद्धाश्रम पहुंची संस्था की[...]
Nov
FARRUKHABAD NEWS KAIMGANJ NEWS
KAIMGANJ NEWS जर्जर बिजली पोल बना खतरे की घंटी! ट्रांसफार्मर के पास झुका खंभा, बिजली विभाग की फुर्ती से टला बड़ा हादसा
KAIMGANJ NEWS –जेई जावेद अहमद खान ने टीम के साथ मौके पर पहुंचकर संभाला मोर्चा,[...]
Nov
FARRUKHABAD NEWS KAIMGANJ NEWS
Farrukhabad news मिठाई कारोबारियों की बढ़ेगी मुश्किलें! अब डिब्बों पर लिखनी होगी ‘उपयोग की अंतिम तिथि’, गड़बड़ी मिली तो कटेगा चालान
Farrukhabad news –डीएम का सख्त फरमान—मिलावटखोरों पर कसें शिकंजा, खाद्य पदार्थों की जांच और नमूना[...]
Nov