world news मानव संहार के लिए उतावले हो रहे चीन ने अमेरिका से भी ज्यादा फायर क्षमता की तैयार की गन – जो एक मिनट में4 लाख 50 हजार तक दाग सकेगी गोलियां

IMG 20250108 WA0198

world news साभार: –

दिल्ली – ( द एंड टाइम्स न्यूज )
जिनपिंग के कमाल से टेंशन में बाइडन व चीन किन्तु ऐशे में चीन एक ऐसा हथियार बनाने में लगा है, जिसका नाम सुनकर अमेरिका भी थर्राने लगेगा. यह मानव इतिहास की सबसे शक्तिशाली मशीन गन है, जिसे चीनी इंजीनियर और वैज्ञानिक विकसित कर रहे हैं.इसकी ताकत का अंदाजा आप इसी से लगा सकते हैं कि इसमें पांच से ज्यादा बैरल होंगे. वहीं यह 450,000 गोलियां प्रति मिनट फायर कर सकेगा. गोलीबारी का घनत्व 7 मैक से ज्यादा की गति से यात्रा करने वाली हाइपरसोनिक मिसाइलों को भी रोक सकता है. अमेरिका के लिए यह चिंता की बात है. क्योंकि अभी तक उसके पास मौजूद ‘फालैंक्स सिस्टम’ प्रति मिनट 4,500 राउंड गोलियां फायर कर सकता है.
हालांकि इस हथियार की ताकत ही इसकी कमजोरी रही है. लाखों गोलियां प्रति मिनट दागने वाले इस हथियार के लिए गोला-बारूद भरना एक असंभव चुनौती माना जाता रहा है. लेकिन चीन के केंद्रीय औद्योगिक केंद्र ताइयुआन के शोधकर्ताओं ने इसका समाधान खोज निकाला है. इसके लिए वह एक कंटेनर जैसा मैग्जीन बनाएंगे, जिसमें बैरल भरे होते हैं. प्रत्येक बैरल पहले से ही गोलियों से भरा होता है. फायरिंग के बाद बैरल को कंटेनर समेत डिस्पोज कर दिया जाता है.
*क्या है इस बंदूक की टेक्नोलॉजी*
साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक उत्तर चीन विश्वविद्यालय के यांत्रिक और विद्युत इंजीनियरिंग के एसोसिएट प्रोफेसर लू शुताओ के नेतृत्व वाली प्रोजेक्ट टीम ने कहा, ‘बॉक्सटाइप रोटरी फायरिंग तकनीक से लोडिंग की स्पीड बढ़ती है और बैरल की शक्ति और सटीकता में गिरावट नहीं आती. साथ ही, कई हमलों के दौरान लगातार संचालन और तेज जवाबी हमला संभव हो सका है. पारंपरिक मशीन गन मैकेनिकल ट्रिगर्स का इस्तेमाल करती हैं, लेकिन यह प्रति सेकंड 7,500 हमले नहीं कर सकती है, जो चीन की सेना चाहती है. इस समस्या से निपटने के लिए लू और उनके सहयोगियों ने एक इलेक्ट्रॉनिक ट्रिगर विकसित किया है, जिसमें कॉइल्स का इस्तेमाल होता है.
यह संपर्क रहित ट्रिगर तुरंत गोली में मौजूद मिश्र धातु की तार को पिघला देगा, जिससे हाई पावर के साथ गोली निकलेगी. इस इलेक्ट्रॉनिक ट्रिगर की दक्षता इतनी ज्यादा है कि यह 17.5 माइक्रोसेकंड में फायरिंग करने लगता है. रिपोर्ट के मुताबिक टेस्ट डेटा कन्फर्म करता है कि प्रत्येक बैरल 450,000 राउंड प्रति मिनट का लक्ष्य पाने के लिए पर्याप्त है.
=जाने सबसे पहले कब आया खतरनाक हथियार? =
इस हथियार की अवधारणा पहली बार 1990 के दशक में ऑस्ट्रेलियाई आविष्कारक माइक ओ’ड्वायर ने प्रस्तुत की थी. हथियार का नाम मेटल स्टॉर्म रखा गया. उनकी कंपनी, मेटल स्टॉर्म इंक, ने एक 36-बैरल टेस्ट सिस्टम बनाया जो 10 लाख राउंड प्रति मिनट की फायरिंग दर तक पहुंच गई. साल 2006 में उन्होंने मीडिया को बताया कि चीनी सेना ने इस तकनीक के लिए 10 करोड़ अमेरिकी डॉलर की पेशकश की थी. जब अमेरिका को इसकी खबर लगी तो उन्होंने ओ’ड्वायर के साथ युद्धक्षेत्र के लिए नए हथियार सिस्टम विकसित करने में सहयोग किया. लेकिन तकनीकी और अन्य चुनौतियों के कारण प्रोजेक्ट रद्द हो गया. बाद में 2012 में मेटल स्टॉर्म इंक दिवालिया हो गई।

ब्यूरो चीफ जयपाल सिंह यादव दानिश खान

FARRUKHABAD NEWS KAIMGANJ NEWS

KAIMGANJ NEWS सीएचसी कायमगंज में फूटा आशाओं का गुस्सा: कोल्ड चेन पर जड़ा ताला, बच्चों के टीकाकरण पर ब्रेक!

KAIMGANJ NEWS–मानदेय बढ़ाने की मांग पर अड़ीं आशा कार्यकर्ता, सुबह पांच बजे से घेराबंदी कर[...]

FARRUKHABAD NEWS KAIMGANJ NEWS

KAIMGANJ NEWS पेट्रोल पंप के पास मौत की रफ्तार से टकराईं दो बाइकें, डायल 112 का सिपाही समेत दो गंभीर

KAIMGANJ NEWS–जोरदार भिड़ंत के बाद सड़क पर मची अफरा-तफरी, घायलों को सीएचसी से लोहिया अस्पताल[...]

FARRUKHABAD NEWS KAIMGANJ NEWS

KAIMGANJ NEWS नन्हे सितारों ने मंच पर मचाया धमाल, ‘उत्कर्ष’ में दिखा बच्चों का गजब का जलवा!

KAIMGANJ NEWS  सी. पी. विद्या निकेतन में सजी सुर, ताल और अभिनय की महफिल; प्ले[...]

FARRUKHABAD NEWS KAIMGANJ NEWS

KAIMGANJ NEWS भूत-पिशाच नाचे, अखाड़े में खनकी तलवारें: कायमगंज में 264 बरस पुरानी शिव बारात का ऐतिहासिक जलवा

KAIMGANJ NEWS लव-जिहाद’ पर निकली विवादित झांकी बनी टॉक ऑफ द टाउन; पुष्पवर्षा से महकीं[...]

FARRUKHABAD NEWS KAIMGANJ NEWS

KAIMGANJ NEWS जब नारायण को भी झुकना पड़ा: राजा मनु की कठिन तपस्या ने हिलाया बैकुंठ, सीपी ग्राउंड में गूंजा ‘तथास्तु’

KAIMGANJ NEWS –कायमगंज में वृंदावन के कलाकारों ने बांधा समां, ‘मनु-सतरूपा’ प्रसंग देख भावविभोर हुए[...]

FARRUKHABAD NEWS KAIMGANJ NEWS

KAIMGANJ NEWS धमाके के साथ भड़की लपटें: दूध गर्म करने गए ग्रामीण को आग ने घेरा, जिंदा जलने से बाल-बाल बचे रामलड़ैते!

KAIMGANJ NEWS –सिलेंडर से गैस रिसाव बना काल, माचिस जलाते ही आग का गोला बना[...]

You cannot copy content of this page

ताजा खबर के लिए सब्सक्राइब करें No Yes