Delhi news –इसराइल क्या ग़ज़ा में भूख को नया ‘हथियार’ बना रहा है?
– भोजन के इंतज़ार में शरणार्थी कैंप में रह रहे फ़लस्तीनी आखिर कब तक भूख से तड़पने को होते रहेंगे मजबूर
साभार : –
दिल्ली – ( द एंड टाइम्स न्यूज )
22 अक्टूबर 2024,
करीब दो हफ़्ते पहले इसराइल ने उत्तरी ग़ज़ा में फ़िर एक नया सैन्य अभियान शुरू किया है. मानवीय मदद करने वाले समूहों का कहना है कि इस इलाक़े में लगभग कोई मदद नहीं पहुंची है.इसराइल के खुद के आंकड़े यह बताते हैं कि सितंबर महीने में ग़ज़ा में भेजे जाने वाली सहायता में भारी गिरावट आई है.इसके बाद यह आरोप लग रहे हैं कि इसराइली सेना हमास के लड़ाकों को भूखा मारने के मक़सद से खाद्य सामग्री की आपूर्ति में बाधा डाल रही है.हालांकि, खाने की कमी ने संयुक्त राष्ट्र के एक शीर्ष अधिकारी को यह चेतावनी देने के लिए प्रेरित ज़रूर किया कि उत्तरी ग़ज़ा में “ज़िंदा रहने के लिए राहत सामग्री ख़त्म हो रही है.ग़ज़ा में मौजूद नागरिकों ने बताया कि हालात बहुत ख़राब हैं.इस बीच, संयुक्त राष्ट्र में मानवीय मामलों और आपातकालीन सहायता की कार्यवाहक महासचिव जॉयस मसूया ने पिछले सप्ताह कहा कि इसराइल ने 2 से 15 अक्तूबर तक उत्तरी ग़ज़ा में भेजी गई सारी खाद्य सहायता पर रोक लगा दी थी.उन्होंने बताया कि सोमवार को इलाक़े में सहायता की “छोटी खेप” को पहुंचने की अनुमति दी गई, लेकिन उन्होंने चेतावनी दी कि ईंधन आपूर्ति में कमी के कारण कुछ ही दिनों में बेकरियों को बंद करना पड़ेगा.हालांकि, इसराइली प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने बार-बार इस बात से इनकार किया है कि उनकी सरकार जानबूझकर उत्तरी ग़ज़ा में भोजन की आपूर्ति में बाधा पहुंचा रही है.मगर, अमेरिका ने अपने सहयोगी (इसराइल) को चेतावनी दी है कि वह तुरंत मानवीय सहायता को बढ़ाए या फिर सैन्य सहायता में कटौती करने का जोखिम उठाए.और अब अमेरिका ने कहा है कि वह उत्तरी ग़ज़ा में इसराइल की कार्रवाइयों पर नज़र रख रहा है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि इसराइल “भुखमरी की नीति” नहीं अपना रहा है.गुरुवार को संयुक्त राष्ट्र समर्थित एक आकलन में यह चेतावनी दी गई कि “पूरी ग़ज़ा पट्टी पर अकाल का ख़तरा मंडरा रहा है. और बढ़ती दुश्मनी के कारण यह चिंता बढ़ रही है कि इससे सबसे ख़राब हालात पैदा हो सकते हैं.
ग़ज़ा में कितनी मदद पहुंच रही है?
इमेज कैप्शन,कुछ फ़लस्तीनी नागरिक उत्तरी ग़ज़ा से भाग गए हैं, जबकि कुछ वहीं रुक गए हैं, जहां वे थे.
ग़ज़ा में आवाजाही के प्रबंधन की ज़िम्मेदारी इसराइली की सैन्य इकाई कोगाट के पास है.उसके मुताबिक़ अक्तूबर के पहले 12 दिनों में कुल 5 हज़ार 840 टन खाद्य आपूर्ति ग़ज़ा पहुंचाई गई, जबकि सिंतबर में यह आंकड़ा 75 हज़ार 898 टन था.संयुक्त राष्ट्र ने कहा कि पिछले रविवार से पहले के दो हफ़्तों तक उत्तरी ग़ज़ा में कोई मदद नहीं पहुंची थी. इसके बाद अमेरिका ने एक पत्र में अपने सहयोगी (इसराइल) को ग़ज़ा में तुरंत मानवीय पहुंच को बढ़ाने या फ़िर सैन्य सहायता में कटौती का जोख़िम उठाने की चेतावनी दी थी.संयुक्त राष्ट्र ने अपने आंकड़ों में कहा है कि ग़ज़ा में प्रवेश करने वाली लॉरियों की तादाद एक साल पहले जंग की शुरुआत के बाद से काफ़ी कम है. बुधवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को जानकारी देते हुए जॉयस मसूया ने बताया कि इसराइल ने अक्तूबर के पहले दो सप्ताह में राशिद चेक प्वाइंट की मदद से सहायता पहुंचाने के 54 प्रयासों में से केवल एक को सफल होने दिया है.
यह चेक प्वाइंट ग़ज़ा शहर के दक्षिण में है, जहां मुख्य तटीय सड़क पूर्व-पश्चिम इसराइली सैन्य सड़क से मिलती है. यह प्रभावी ढंग से इलाक़े को आधे हिस्से में बांटती है. जॉयस मसूया ने कहा कि मदद की अन्य चार कोशिशों में रुकावट का सामना करना पड़ा, लेकिन अंततः उनमें सफलता हासिल हुई.मसूया ने कहा कि उत्तरी ग़ज़ा में मौजूदा स्टॉक का वितरण जारी है, लेकिन आपूर्ति तेज़ी से कम हो रही है.इस बीच, वर्ल्ड फ़ूड प्रोग्राम ने मंगलवार को फाइनेंशियल टाइम्स को बताया कि अगर इसराइल उत्तरी ग़ज़ा में तुरंत ताज़ा आपूर्ति की सुविधा नहीं देता है, तो डेढ़ सप्ताह में उसके पास लोगों को देने के लिए खाद्य सामग्री ख़त्म हो जाएगी.फ़लस्तीनी इलाक़ों के लिए वर्ल्ड फ़ूड प्रोग्राम के निदेशक एंटोनी रेनार्ड ने भी बताया कि ज़मीनी स्तर पर उनकी टीम के पास आटे की आपूर्ति केवल एक सप्ताह के लिए बची है.वहीं, कोगाट ने बताया कि मदद ले जा रहे 50 ट्रकों ने बुधवार को ग़ज़ा पट्टी के उत्तर में प्रवेश किया.ग़ज़ा में मानवीय मामलों के तालमेल के लिए संयुक्त राष्ट्र कार्यालय के प्रमुख जॉर्जियोस पेट्रोपोलस ने बीबीसी को बताया कि जब सहायता इसराइली चेक प्वाइंट्स के ज़रिए ग़ज़ा में प्रवेश करती है, तो अक्सर सहायता करने वाले समूह इसे दूसरी तरफ ठीक से बांट नहीं पाते हैं.
उन्होंने बताया कि सोमवार को ग़ज़ा में 50 ट्रकों को सहायता करने के लिए प्रवेश की अनुमति दी गई थी, लेकिन इसराइली सुरक्षा बलों (आईडीएफ) ने उनमें से महज़ 30 को ही अनुमति दी।
आईडीएफ ने दो हफ़्ते पहले उत्तरी ग़ज़ा में हमास के ख़िलाफ़ एक नए अभियान की शुरुआत की थी. उनका कहना है कि वह हमास के लड़ाकों को इलाक़े में फिर से इकट्ठा होने से रोकना चाहता है.सैन्य अधिकारियों ने उत्तरी ग़ज़ा पट्टी में जगह खाली करने का एक आदेश भी जारी किया, जिसमें उन्हें दक्षिण की तरफ जाने के लिए कहा गया.इस आदेश से लगभग 4 लाख लोग प्रभावित होंगे, लेकिन कई लोगों ने वहां से जाने से मना कर दिया. क्योंकि, वे लगातार विस्थापन से थक चुके थे और ऐसी जगह जाने से डर रहे थे, जहां उन तक सहायता नहीं पहुंच रही हो.
दरअसल, इसराइली सेना ने उत्तरी ग़ज़ा शहर के घनी आबादी वाले जबालिया इलाक़े को घेर लिया है. सेना ने वहां बमबारी भी की है, जिसमें एक शहरी शरणार्थी कैंप भी शामिल है.इसराइल का कहना है कि उत्तरी ग़ज़ा में भुखमरी की कोई नीति नहीं है, लेकिन कुछ लोगों को लगता है कि मानवीय सहायता आपूर्ति में कमी उसी बात की ओर इशारा करती है, जिसे इसराइली मीडिया ने “जनरलों की योजना” करार दिया है.रिटायर्ड मेजर जनरल जियोरा इलैंड ने हाल ही में बताया था कि उत्तरी ग़ज़ा से नागरिकों को निकाला जाना चाहिए और बचे हुए हमास के लड़ाकों के सामने ‘आत्म समर्पण करने या भूखे मरने’ का विकल्प छोड़ा जाना चाहिए.प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने ले फ़िगारो को दिए गए एक इंटरव्यू में ज़ोर देकर कहा, “हमारे ऊपर आरोप है कि हम जानबूझकर आबादी को भूखा रखने की नीति अपना रहे हैं, ये पूरी तरह से निराधार हैं.”उन्होंने संयुक्त राष्ट्र को पहले बताया था, “इसराइल ग़ज़ा में हर पुरुष, औरत और बच्चों को हर दिन तीन हज़ार कैलोरी से ज़्यादा मात्रा वाले भोजन की आपूर्ति को बनाए रख रहा है.
ब्यूरो रिपोर्ट

FARRUKHABAD NEWS KAIMGANJ NEWS
KAIMGANJ NEWS मंडी में हाईवोल्टेज ड्रामा: आढ़ती ने घेरा चावल लदा ट्रक, पुलिस ने किया सीज
KAIMGANJ NEWS -पुलिस जांच में पकड़े गए ट्रक पर 5.12 लाख का ई-चालान भी बकाया,[...]
Jan
FARRUKHABAD NEWS KAIMGANJ NEWS
KAIMGANJ NEWS बाइक सवार चाचा भतीजे को रोडवेज बस ने कुचला , चाचा की मौत,भतीजा गंभीर रूप से घायल,
KAIMGANJ NEWS -पितौरा बेरिया मोड़ के पास तेज रफ्तार बस ने बाइक में मारी जोरदार[...]
Jan
FARRUKHABAD NEWS KAIMGANJ NEWS
KAIMGANJ NEWS आधार कार्ड के साथ जन्म तिथि से संबंधित वैध दस्तावेज अनिवार्य रूप से लें
KAIMGANJ NEWS-एसडीएम ने बूथों पर परखा काम, नए वोटर बनाने पर जोर, बीएलओ ने आलेख्य[...]
Jan
FARRUKHABAD NEWS KAIMGANJ NEWS
KAIMGANJ NEWS मॉडलिंग की दुनिया में अताईपुर के लाल का जलवा, नेशनल टीवी शो के बने फाइनलिस्ट
KAIMGANJ NEWS -कायमगंज स्टेशन पर स्वागत में उमड़ा हुजूम, वेब सीरीज में काम करने का[...]
Jan
FARRUKHABAD NEWS KAIMGANJ NEWS
KAIMGANJ NEWS पशु चोरों का धावा, एक लाख कीमत की भैंस चोरी शिकायत पुलिस से
KAIMGANJ NEWS कायमगंज, फर्रुखाबाद। क्षेत्र के लुधइया गांव में बेखौफ चोरों ने दिनदहाड़े एक किसान[...]
Jan
FARRUKHABAD NEWS KAIMGANJ NEWS
KAIMGANJ NEWS तंबाकू की फसल पर डाली जहरीली दवा, किसान बर्बाद
KAIMGANJ NEWS -तहसील के दूंदी नगला गांव का है मामला, लाखों का नुकसान, पीड़ितों ने[...]
Jan
FARRUKHABAD NEWS KAIMGANJ NEWS
KAIMGANJ NEWS गर्भवती महिला को पीटा, गर्भस्थ शिशु को भी खतरा
KAIMGANJ NEWS – हमलावरों ने पहले पति को गांव की पुलिया पर पीटा था, फिर[...]
Jan
FARRUKHABAD NEWS KAIMGANJ NEWS
KAIMGANJ NEWS जल निगम की लापरवाही से फूलमती मंदिर के सामने धंसी सड़क, आवागमन हुआ बाधित, बड़ा हादसा टला,
KAIMGANJ NEWS कायमगंज फर्रुखाबाद ।नगर के बीचों बीच स्थित मोहल्ला सधवाड़ा में फूलमती मंदिर के[...]
Jan